जिला पंचायत जशपुर के द्वारा आचार संहिता के एक दिन पूर्व ग्राम पंचायत केरसई के पंचायत सचिव श्यामबिहारी चौहान का स्थानांतरण केरसई विकास खंड फरसाबहार से बगीचा किया गया था। उक्त स्थानांतरण आदेश को सचिव ने उच्च न्यायालय के अधिवक्ता मनोज चौहान के माध्यम से उच्च न्यायालय बिलासपुर में चुनौती दिया था। न्यायालय ने प्रारंभिक सुनवाई के दौरान ही स्थानांतरण आदेश को दोषपूर्ण मानते हुए स्थानांतरण आदेश को स्टे कर दिया है।
गौरतलब है कि कुछ समय पहले ही कुछ नेताओं ने सचिव के खिलाफ विधानसभा चुनाव में चुनाव प्रचार करने का आरोप लगाते हुए ट्रांसफर करने की मांग किया गया था शायद उसी के वजह से ही उनका स्थानांतरण किया गया था परंतु हाईकोर्ट ने स्टे कर दिया है।
*इस संबंध में जिला पंचायत सदस्य श्री विष्णु कुलदीप अधिवक्ता का कहना है कि किसी नेता के आरोप लगा देने से ही नियम कानून को ताक में रखकर छोटे-छोटे कर्मचारियों को स्थानांतरित नहीं करना चाहिए इससे कर्मचारियों में भय पैदा होता है साथ ही कर्मचारियों मे आक्रोश भी बढ़ता है वह मेरे क्षेत्र का सचिव है मैं उनको व्यक्तिगत रूप से जानता हूं, उनका काम अच्छा है, चुनाव प्रचार करने जैसा मुझे कोई शिकायत सुनने को नहीं मिला है।*






