साजबहार सरपंच के खिलाफ एफआईआर पर हाईकोर्ट ने किया स्टे

साजबहार सरपंच के खिलाफ एफआईआर पर हाईकोर्ट ने किया स्टे

sargujakranti.in
0



 ग्राम पंचायत साजबहार के सरपंच सोनम लकड़ा जो अभी-अभी 14 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट से जीत कर आई थी तथा शासन को एक लाख रुपए का जुर्माना भी हुआ था , इसके बाद सरपंच के खिलाफ 22 नवंबर को सचिव का हस्ताक्षर कर 21900/- रुपए बैंक से निकालने का आरोप लगाते हुए थाना तपकरा में रिपोर्ट दर्ज किया गया, जिसे सरपंच ने हाईकोर्ट के अधिवक्ता मनोज चौहान व राहुल झा के माध्यम से हाईकोर्ट मे चुनौती दी थी, हाईकोर्ट  मे आज मुख्य न्यायाधीश एवं ए के प्रसाद के डिविजन बेंच मे सुनवाई हुई  कोर्ट ने प्रारंभिक सुनवाई मे ही उक्त एफआईआर पर स्टे कर दिया है, तथा थाना तपकरा और सचिव शिवमंगल को हाईकोर्ट में जवाब प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। 

 *सरपंच ने अपने याचिका में कहा है -:* 

 


दिनांक 9/11/2024 को ग्राम पंचायत में मासिक बैठक हुआ था जिसमें सामुदायिक भवन निर्माण, सरपंच पंच का मानदेय तथा पंचायत में साफ सफाई के लिए पैसा निकालने का प्रस्ताव पारित हुआ था जिसमे सरपंच सचिव व पंचायत के सभी पंचगण उक्त प्रस्ताव में हस्ताक्षर किए , इसके बाद पैसा निकालने का फॉर्म व प्रस्ताव की प्रति सचिव ने सरपंच को दिया जिससे तपकरा बैंक से 12/11/2024 को 50 हजार दिनांक 13/11/2024 को 40 हजार तधा 14/11/2024 को 50 हजार निकाली इसके बाद उस पैसे को सचिव व एक पंच अंकित जयसवाल यह कहकर मांग रहे थे कि सामुदायिक भवन का पैसा हमको दे दो उस कार्य को हम कराएंगे, परंतु सरपंच ने पैसा देने से मना कर दिया। जिससे सचिव व पंच अंकित जयसवाल नाराज थे, पुनः दिनांक 18/11/2024 को सरपंच पीडीएस का कमीशन राशि 21900/ रुपए राशन विक्रेता को देने हेतु विक्रेता के साथ बैंक गई, बैंक से पैसा निकालने पर सचिव व अंकित जयसवाल पंच ने विवाद किया और कहने लगे कि निकासी फार्म में मेरा हस्ताक्षर ही नहीं है, जिस पर बैंक ने कहा कि आप लोग अपना विवाद निपटा लो मैं पैसे को वापस पंचायत के खाते में डाल दिया हुॅ फिर बैंक ने पैसे को पंचायत के खाते मे वापस डाल दिया। इसके बाद सरपंच दिनांक 20/11/2024 को थाने में सचिव व पंच अंकित जयसवाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई परंतु उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुआ लेकिन 22/11/2024 को सरपंच के खिलाफ ही राजनैतिक दबाव के कारण रिपोर्ट दर्ज करा दिया गया।

 दिनांक 21/11/2024 को फिर से पंचायत बैठक हुआ उसी दौरान सरपंच को सचिव और पंच के द्वारा धमकी दी गई थी कि तुम सरकार को एक लाख जुर्माना कराए हो तुम्हारे आवेदन पर कोई कार्यवाही नहीं होगा और हम भी तुम्हारे खिलाफ थाना मे आवेदन दिये है तुम पर एफआईआर दर्ज होगी हमारा नेताओ से बात हो गई है। 

इसके बाद सरपंच दुबारा दिनांक  22/11/2024 को पुलिस अधीक्षक जशपुर के समक्ष उपस्थित होकर इसकी शिकायत दर्ज कराई परंतु उसी दिन रात को सरपंच के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर दी गई।


 

इस *संबंध में हमने जिला पंचायत सदस्य विष्णु कुलदीप अधिवक्ता से बात किया उन्होंने कहा की एक आदिवासी सरपंच जो सुप्रीम कोर्ट से जीत कर आई है, उसको प्रोत्साहित करने के बजाय उसे परेशान किया जा रहा है परंतु देश में न्याय है हाईकोर्ट का स्टे जो लोग सरपंच के पिछे पड़े है उनको यह न्याय का *तमाचा* है।

एक टिप्पणी भेजें

0टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें (0)